Thursday, 5 January 2023

ग़ज़ल -35- जल –बुझा हूँ बचा कहां हूँ मैं-उड़ान

 

ग़ज़ल


जल –बुझा हूँ बचा कहां हूँ मैं

राख छू कर बता कहां हूँ मैं

 

मुझो होना था साथ तेरे मगर

देख लेकिन पड़ा कहां हूँ मैं

 

ये मेरे घर का रास्ता तो नहीं

फिर में इस राह पर चला क्यों हूँ

 

मुझसे मिलने तू कभी आ तो सही

मैं यहीं हूँ कहां गया हूँ मैं

 

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