Thursday, 5 January 2023

ग़ज़ल-36-दिल में ग़म हैं ,लब हसते हैं-उड़ान *

 

ग़ज़ल


दिल में ग़म हैं ,लब हसते हैं

अंगारों पर फूल खिले हैं

 

सपने शबनम के कतरे हैं

सच की धुप में उड़ जाते हैं

 बाज़ारों में धूम मची है

और घरों में सन्नाटे हैं


इक टहनी पे फूल खिला है

एक से कुछ पत्ते टूटे हैं


गुजरी लम्बी रुत पतझर की

अब नन्हें अंकुर फूटे हैं

 दिल टपका है कतरा कतरा

आंखों से आंसू टपके हैं

 

 

 

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