Thursday, 5 January 2023

ग़ज़ल -38- आप भी दिल और दुनिया से निपटकर देखिए-उड़ान *

 

ग़ज़ल

 

आप भी दिल और दुनिया से निपटकर देखिए

आप भी मेरी तरह हिस्सों में बटकर देखिए

 

आप दरिया हैं हमारा दर्द क्या जानेगे आप

आप भी तालाब की तरह सिमटकर देखिए


इस किताबे दिल में अफ़साने धडकते हैं कई

हो अगर फुर्सत कभी पन्ने पलटकर देखिए

 

इक सुलगता सा धुआं फैला हुआ है दूर तक

देखिए गुज़रे जमाने को पलटकर देखिए


घर में बच्चों के बिना कटते हैं कैसे रात दिन

पेड़ की सूनी सी शाखों से लिपट कर देखिए

 

 

 

 

 

 

 

 

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