Thursday, 5 January 2023

ग़ज़ल-40-हुए दफन हम भी इसी आस पर-उड़ान *

 

ग़ज़ल


हुए दफन हम भी इसी आस पर

की फिर जी उठेंगे किसी  एक दिन

 पता जिस जहां का किसी  को नहीं

वहीं जा बसेंगे किसी एक दिन

 रहेगी हरिक शैय जहां में मगर

हमीं जल बुझेंगे किस्सी एक दिन


बहुत अनकहा है जो दिल में अभी

सुनो , तो कहेंगे किसी एक दिन


यही सोच कर दिल को बहला लिया

कहीं तो मिलंगे किसी एक दिन

 

 

 

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