Wednesday, 4 January 2023

ग़ज़ल-8 -कैसे पानी से डर गई मछली-उड़ान *

 
ग़ज़ल
 
कैसे पानी से डर गई मछली
मौत के डर से मर गई मछली
 
बात सच्ची जो कर गई मछली
फिर  मगर को अखर गई मछली
 
कल की चिंता ने काट दी डोरी
मनका -मनका बिखर गई मछली
 
फिर से साहिल के चाट कर पत्थर
पानियों में उतर गई मछली
 
अनमने मन से कब तलक जीती
मन जिधर था उधर गई मछली
 
खौफ मन से निकल गया होगा
पैठ गहरे में कर गई मछली
 
उम्र भर पानियों से उलझी रही
आज फिर अपने घर गई मछली
 
किस समंदर की जुस्तजू थी "ख़याल "
देखिए तो किधर गई मछली

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