ग़ज़ल
तब तक कारावास रहेगा
बेटे को बनवास रहेगा
रिश्तों का दुःख पास रहेगा
इक दिन ही मधुमास रहेगा
मुँह में राम बगल में बरछी
तुम पर क्या विश्वास रहेगा !
जीवन भर संत्रास रहेगा ?
तू क्या मेरे पास रहेगा !
करतब ने भरमाई आँख सच को देख न पाई आँख आवारा तितली जैसी चेहरों पर मंडराई आँख दूर उफ़ुक़ तक दौड़ी फिर ख़ाली लौट के आई आँख मंज़र , पस-मंज़...
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