Friday, 3 February 2023

ग़ज़ल -53-जब तक घट में श्वास रहेगा-उड़ान *

 
ग़ज़ल
 
जब तक घट में श्वास रहेगा
तब तक कारावास रहेगा
 
  बाप रहेगा जब तक शापित
बेटे को  बनवास रहेगा
 
रिशतों के पुल टूट चुके हैं
रिश्तों का दुःख पास रहेगा
 
   इक दिन की इतवार की छुट्टी
    इक दिन ही मधुमास रहेगा
मुँह में राम बगल में बरछी
तुम पर क्या विश्वास रहेगा !
 
जोगी ! दुनिया बदलेगी ?
जीवन भर संत्रास रहेगा ?
 
दूर “ख़याल” रहा हर कोई
तू क्या मेरे पास रहेगा !
 

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