मुझको यूं ही उदास रहने दे
फ़ेंक दे जाम प्यास रहने दे
दुख मुझे रब से जोड़ देते हैं
दुख मेरे आस पास रहने दे
आज बोतल को मुंह लगायेंगे
आज साक़ी गिलास रहने दे
तू मुक़द्दर समझ अंधेरों को
रौशनी के क़ियास रहने दे
मत बता इनको ज़िंदगी क्या है
अपने बच्चे पुर-आस रहने
दे
ख़ुश रहेंगे तो फिर कहेंगे क्या
शायरों को उदास रहने दे
मैं तेरी दोस्ती से वाक़िफ़ हूँ
छोड़ ए ग़म-शनास , रहने दे
जिस्म अब राख हो चुका है “ख़याल”
जल चुका है लिबास रहने दे
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